NEET UG 2026 पेपर लीक घोटाला: भारत की मेडिकल प्रवेश प्रणाली में विश्वास का संकट

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) UG 2026, जो 3 मई 2026 को आयोजित किया गया था, भारत भर के 22-23 लाख से अधिक मेडिकल aspirants के लिए MBBS और BDS कोर्स में प्रवेश का द्वार होना था। लेकिन यह परीक्षा भारतीय प्रतियोगी परीक्षाओं के इतिहास में एक काला अध्याय बन गई। परीक्षा के महज नौ दिन बाद, 12 मई 2026 को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पूरे परीक्षा को रद्द करने का अभूतपूर्व फैसला लिया। पेपर लीक के ठोस सबूत मिलने के बाद लिया गया यह फैसला NTA के अधीन NEET UG की पहली पूरी तरह रद्द की गई परीक्षा है।
NEET UG 2026 लीक की पूरी कहानी
इस विवाद का केंद्र एक संदिग्ध रूप से सटीक गेस पेपर या प्रश्न बैंक था जिसमें लगभग 410 प्रश्न थे। यह दस्तावेज़ कथित तौर पर हाथ से लिखा गया था, फिर स्कैन करके PDF में बदल दिया गया। परीक्षा से कई दिन पहले (कुछ मामलों में हफ्तों पहले) यह व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स पर वायरल हो चुका था।
जांच में चौंकाने वाले overlaps सामने आए — रिपोर्ट्स के अनुसार, खासकर केमिस्ट्री और बायोलॉजी सेक्शन में लगभग 120 प्रश्न असली NEET पेपर से काफी हद तक मिलते पाए गए।
लीक की जड़ राजस्थान के कोचिंग हब्स से शुरू हुई थी, जो महाराष्ट्र (खासकर नासिक), हरियाणा और अन्य राज्यों तक फैली हुई थी। एक “Private Mafia” व्हाट्सएप ग्रुप में सदस्य ₹5,000 से शुरू करके पैसे देकर इस मटेरियल तक पहुंच बनाते थे। एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया जिसमें नासिक के एक BAMS छात्र ने कथित तौर पर ₹10 लाख में पेपर खरीदा और उसे ₹15 लाख में बेच दिया।
सीकर के एक केमिस्ट्री टीचर ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई। वे व्हिसलब्लोअर बन गए। परीक्षा वाले दिन उनके मकान मालिक ने उन्हें यह वायरल गेस पेपर दिखाया। असली प्रश्न पत्र से तुलना करने पर उन्हें लगभग 45 केमिस्ट्री प्रश्न बिल्कुल समान मिले। उनके एक सहयोगी ने करीब 90 बायोलॉजी प्रश्न मैच पाए। टीचर ने तुरंत अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद NTA को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
NEET UG 2026 सरकारी प्रतिक्रिया और CBI जांच
शिकायतों और सत्यापन के बाद NTA ने “पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास को बचाने” के हित में परीक्षा रद्द कर दी। री-एग्जाम के लिए किसी नए रजिस्ट्रेशन या अतिरिक्त फीस की जरूरत नहीं है। पुराना रजिस्ट्रेशन और चुने गए सेंटर्स मान्य रहेंगे।
NTA ने बाद में री-एग्जाम की नई तारीख 21 जून 2026 (रविवार) घोषित कर दी
केंद्र सरकार ने इस मामले को CBI को सौंप दिया। 12 मई को CBI ने आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, विश्वासघात, चोरी, सबूत नष्ट करने, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत FIR दर्ज की।
CBI ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 14 मई तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया: जयपुर से मंगीलाल बिवल, विकास बिवल और दिनेश बिवल; गुरुग्राम से यश यादव; और नासिक से शुभम खैरनार। कई जगहों पर छापेमारी की गई। जांच एजेंसी का मानना है कि यह नेटवर्क कम से कम 45 लोगों का है जो कई राज्यों में फैला हुआ है।
NEET UG 2026 छात्रों पर असर और देशव्यापी प्रदर्शन
परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों पर गंभीर मानसिक, आर्थिक और शैक्षणिक दबाव पड़ा है। कई छात्र वर्षों से तैयारी कर रहे थे। अब मात्र कुछ हफ्तों में दोबारा परीक्षा देनी होगी।
देश भर में प्रदर्शन शुरू हो गए, खासकर दिल्ली में। NSUI, ABVP और SFI जैसे छात्र संगठनों ने शास्त्री भवन और NTA कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किए। “डॉक्टर की डिग्री बिकाऊ है”, “PM compromised, Paper compromised” जैसे नारे लगे। कई छात्र भावुक हो गए।
यह पहला मामला नहीं है। NEET 2024 में भी लीक, ग्रेस मार्क्स और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। बार-बार हो रही गड़बड़ियों ने NTA और परीक्षा व्यवस्था पर गहरा सवालिया निशान लगा दिया है।
NEET UG 2026 व्यापक प्रभाव और आगे का रास्ता
NEET 2026 पेपर लीक ने भारत की हाई-स्टेक परीक्षा व्यवस्था की गहरी कमियों को उजागर कर दिया है। कोचिंग माफिया, भ्रष्ट आंतरिक सूत्र और डिजिटल माध्यम से लीक को व्यवसाय बना दिया गया है।
विशेषज्ञ और छात्र अब लंबे समय के सुधारों की मांग कर रहे हैं — 2027 से कंप्यूटर आधारित परीक्षा, बेहतर सुरक्षा प्रोटोकॉल, प्रश्न पत्र प्रबंधन में पारदर्शिता और कोचिंग सेंटर्स पर सख्त निगरानी।
22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए 21 जून दूसरा मौका है, लेकिन घाव गहरे हैं। NTA से अपील की जा रही है कि री-एग्जाम पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किया जाए।
NEET 2026 पेपर लीक सिर्फ एक परीक्षा घोटाला नहीं है — यह पूरे देश के लिए एक जागरूकता का संदेश है। भारत के भविष्य के डॉक्टर्स और लाखों युवाओं के सपनों को लालच और लापरवाही से बचाने के लिए अब मूलभूत बदलाव जरूरी हैं।